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ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री—अभी तो ट्रेलर है, पिक्चर बाकी हैं 

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ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री—अभी तो ट्रेलर है, पिक्चर बाकी हैं

दिल्ली

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राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं, कहा – आतंक के फन कुचलने का समय आ गया है

भारत की सेना सजग, शत्रु की हर साजिश का मिलेगा करारा जवाब

(“शत्रु नाशाय संप्राप्तं धर्मसंस्थापनाय च।”
(अर्थ: हम शत्रुओं के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए संकल्पित हैं।)

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने शनिवार को दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से विशेष भेंट कर ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा की। सिंह ने इस अवसर पर सरकार और भारतीय सेना को महासंघ की ओर से अनंत शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि अब आतंकवाद के फन को कुचलने का निर्णायक समय आ गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर अभी रुका नहीं है, यह मात्र अल्पविराम है। हमने अभी पाकिस्तान को सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, पिक्चर अभी बाकी है।” उन्होंने कहा कि भारत किसी देश की आम जनता से दुश्मनी नहीं रखता, परंतु आतंकवाद के विरुद्ध छेड़े गए इस निर्णायक अभियान में हमारी सेना किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है।

राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि “हमारी फौज ने पाकिस्तान की आम अवाम को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया है। लेकिन जो आतंकी भारत की ओर आँख उठाएंगे, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। यह राष्ट्र किसी भी प्रकार के दखल या अनुचित व्यवहार को सहन नहीं करेगा।”

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने सेना के जांबाज अधिकारियों और सैनिकों के मनोबल की सराहना करते हुए संपूर्ण राष्ट्र से एकजुट होकर सेना के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “देश को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं। भारतीय सेना पूरी तरह सशक्त है और हर मोर्चे पर सक्षम है।”

जितेन्द्र प्रताप सिंह ने लखनऊ की जनता की ओर से अपने सांसद व देश के रक्षा मंत्री को अंतरतम पटल से साधुवाद अर्पित किया और कहा, “हमारी सेना को जन-जन का समर्थन प्राप्त है। यह समय आतंक के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का है। सनातन संस्कृति पर मंडराते खतरे अब बर्दाश्त नहीं होंगे।”

राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने स्पष्ट किया कि जब तक आतंक का अस्तित्व समाप्त नहीं होता, तब तक महासंघ सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।

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